Election Result 2023: मध्य प्रदेश मे BJP की “लाड़ली बहना योजना” ने कैसे किया करिश्मा?

मध्य प्रदेश के जनादेश की तस्वीर साफ नजर आ रही है। प्रचंड बहुमत के साथ मध्य प्रदेश में बीजेपी ने सत्ता में वापसी कर ली है। आइए जानते हैं कि आखिर किस रणनीति के तहत बीजेपी सत्ता में कमबैक कर रही है।

मध्य प्रदेश चुनाव में चार बार मुख्यमंत्री रहे शिवराज सिंह चौहान धमाकेदार जीत के साथ सत्ता में वापसी कर रहे हैं। जानकारों के मुताबिक इस जीत में शिवराज सरकार की लाडली बहना योजना स्कीम प्राइम फैक्टर रही है। इस योजना के तहत मध्य प्रदेश की 1 करोड़ 31 लाख महिलाओं को 50 हर महीने दिए जा रहे है।

एमपी की सात करोड़ आबादी में लाडली बहना योजना की लाभार्थियों ने शिवराज को भर भर कर वोट दिया है। अनुमान है कि बीजेपी अगर कांग्रेस का परंपरागत वोटर माने जाने वाले एससी एसटी वोट में भी सेंध लगाती नजर आ रही है। तो इसके पीछे लाडली बहना योजना बताई जा रही है।

दरअसल कैश डिलीवरी एक ऐसी योजना है, जो लाभार्थी को अपने इच्छा के मुताबिक खर्च करने का विकल्प देता है। एमपी की बेटियों ने शिवराज की इस स्कीम को भविष्य की गारंटी समझा और शिवराज की सत्ता में वापसी सुनिश्चित कर दी।

इस चुनाव में शिवराज ने ना सिर्फ अपनी इस स्कीम को प्रचारित किया बल्कि अपने पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए अपने 18 साल के गवर्नेंस की दुहाई दी। इस दौरान शिवराज ने गांव की बेटी और लाडली लक्ष्मी योजना की भी याद दिलाई। इसके अलावा अनेक कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा भी की गई। इतना ही नहीं राज्य के करीब 30 लाख जूनियर कर्मचारियों के वेतन और भत्ते में भी बढ़ोतरी की गई।

शिवराज ने एमपी में कई मंदिरों की तस्वीर बदलकर रख दी। उज्जैन कॉरिडोर इसी का एक उदाहरण है। इसके अलावा उन्होंने राज्य के चार मंदिरों के लिए 358 करोड़ रुपए का बजट भी दिया है। यही कारण है कि वोटर्स ने कांग्रेस के सॉफ्ट हिंदुत्व की जगह बीजेपी ब्रांड के हिंदुत्व को चुना इसके अलावा शिवराज ने उत्तर प्रदेश की तरह एमपी में भी बुलडोजर ब्रांड की नीति का इस्तेमाल किया।

उज्जैन में शोभा यात्राओं पर पत्थर फेंकने वालों के घर को बुलडोजर से ढा दिया गया। मध्य प्रदेश में 16 साल तक मुख्यमंत्री रहने वाले शिवराज वोटर्स के सामने खुद भी ब्रांड बनेगा। इस पीरियड में एमपी बीमारू राज्यों की कैटेगरी से बाहर निकला है, और कई शहरों का कायाकल्प भी हुआ है।

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